भाई कल भारत और वेस्टइंडीज के बीच जो T20 मुकाबला हुआ, उसमें रनों की ऐसी बरसात हुई कि गेंदबाजो के लिए दिन मुश्किल हो गया! वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने पहले ही भारतीय गेंदबाजों की खबर ले ली और स्कोर बोर्ड पर 247 रन का पहाड़ खड़ा कर दिया।
इतना बड़ा लक्ष्य देखकर भारतीय फैंस को उम्मीद थी कि अपने बल्लेबाज भी मैदान पर कुछ बड़ा करके दिखाएंगे। संजू सैमसन ने शुरुआत में ऐसी धुनाई की की लगा आज तो मैच निकाल कर ही मानेंगे। लेकिन भाई, क्रिकेट में सिर्फ शुरुआत अच्छी होने से काम नहीं चलता। आखिर में भारत 24 रन से मुकाबला हार गया और सीरीज 2-2 से बराबर हो गई।

शाई हॉप ने अपने भारतीय गेंदबाजों की कर दी कुटाई
वेस्टइंडीज की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी तो वेस्टइंडीज टीम के कप्तान साई हॉप भारतीय गेंदबाजों को चैन की सांस नहीं लेने दी। भाई साहब इस खिलाड़ी ने 50 गेंद में नवाज 102 रन ठोक दिए।
दूसरी तरफ शेरफेन रदरफोर्ड ने भी 26 गेंद में नाबाद 49 रन बना डाले। दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर आखिरी के ओबरो में ऐसा जोर लगाया कि वेस्टइंडीज की टीम 20 ओवर में 247 रन तक पहुंच गई। अब आप ही बताओ, जब सामने 248 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य खड़ा हो तो बल्लेबाजों पर कितना दबाव रहता है
संजू सैमसन ने आते ही मचा दिया बवाल
248 रन का पीछा करने उतरी भारतीय टीम संजू सैमसन नए जबरदस्त शुरुआत दिलाई। संजू ने सिर्फ 23 गेंद में 56 रन ठोक दिए। उनकी पारी में चोको छक्को की खूब बरसात हुई।
उस समय लग रहा था कि अगर संजू थोड़ी देर और टिक, गए तो वेस्टइंडीज की हालत खराब हो सकती है। लेकिन कीमो पॉल ने संजू को आउट करके भारत को बड़ा झटका दे दिया।
भाई यहीं से मुकाबले मैं कहानी बदलने लगी। संजू के आउट होते ही भारतीय टीम को दूसरे छोर से भी लगातार बड़े रन चाहिए थे, मगर विकेट गिरने का सिलसिला शुरू हो गया।
तिलक और नीतीश ने कोशिश की लेकिन बात नहीं बनी
संजू के जाने के बाद भारतीय टीम पर दबाव बढ़ गया। तिलक वर्मा ने 43 रन बनाए और नीतीश कुमार रेड्डी ने 41 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की दोनों के बीच 70 रन की साझेदारी भी हुई। इस साझेदारी ने भारतीय फैंस की उम्मीद फिर जगा दी थी। लगा कि शायद मैच अभी हाथ से नहीं निकला है। लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाजों ने अहम समय पर विकेट निकाल लिए। भारत की पारी 19.3 ओवर में 223 रन पर सिमट गई। यानी टीम इंडिया लक्ष्य से 24 रन दूर रह गई।
कीमो पॉल ने अकेले ही बिगाड़ दिया भारत का खेल
इस मैच में वेस्टइंडीज की जीत के सबसे बड़े हीरो कीमो पॉल रहे। उन्होंने चार ओवर में 41 रन देखकर 5 विकेट झटक लिए। जब भारतीय बल्लेबाज तेजी से रन बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब कीमो पॉल ने लगातार विकिट झटके दिए। संजू सैमसन जैसे खतरनाक बल्लेबाजों का विकेट भी उन्होंने ही लिया। सीधी बात है भाई, इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय अगर एक के बाद एक विकेट गिरने लगें, तो जीत मुश्किल हो जाती है। कीमो पॉल ने वही काम किया और भारत के हाथ से मैच निकल गया।
आखिर भारत से गलती कहां हुई
अब सवाल यह है कि भारत जैसी मजबूत बल्लेबाजी वाली टीम 248 रन का लक्ष्य क्यों नहीं हासिल कर पाई। पहली बात वेस्टइंडीज ने 247 रन बनाकर भारतीय गेंदबाज पर काफी दबाव डाल दिया था। दूसरी बात संजू सैमसंग की शानदार शुरुआत के बाद भारत लगातार विकेट गवाता रहा।
तिलक वर्मा और नीतीश रेड्डी ने कोशिश जरूर की, लेकिन इतने बड़े लक्ष्य के सामने आखिरी तक टिकना जरूरी था। हालांकि, बुरी हार का दोसी किसी एक खिलाड़ी पर डालना ठीक नहीं होगा। T20 में बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों का अच्छा होना जरूरी है।
अब आखरी T20 में होगा असली फैसला
वेस्टइंडीज की इस जीत के बाद पाँच मैचों की सीरीज 2-2 से बराबर हो गई है। अब दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने का बराबर मौका है। 17 अक्टूबर को बेंगलुरु में होने वाला आखिरी मुकाबला काफी दिलचस्प रहने वाला है। भारत के फंस जाएंगे की टीम इंडिया पिछली हार भुलाकर जोरदार वापसी करें और सीरीज अपने नाम करें।
आप बताओ भाई
आपकी नजर में भारत की हार का सबसे बड़ा कारण क्या रहा
1 भारतीय गेंदबाजों ने ज्यादा रन लुटाए ।
2 संजू सैमसन के आउट होने के बाद बल्लेबाजी बिखर गई।
3 कीमो पॉल की गेंदबाजी ने पूरा खेल पलट दिया।
कमेंट में अपना जवाब जरूर देना देखते हैं भारत के फेंस हार का सबसे बड़ा कारण किस को मानते हैं अपना जवाब कमेंट में जरूर दें।
