विराट कोहली के शतक: सेंचुरी की कहानी, जानिए टेस्ट, वनडे और T20 में कितने शतक लगाए
विराट कोहली के शतक: जब बल्ला बोलता है तो रिकॉर्ड बनते हैं! क्रिकेट देखने वालों से एक सवाल पूछिए कि जब टीम इंडिया मुश्किल में फंस जाती है तो सामने बड़े लक्ष्य का पीछा करना हो, तो किस बल्लेबाज से सबसे ज्यादा उम्मीद रहती है? बहुत से क्रिकेट प्रेमियों के मुंह से एक ही नाम निकलेगा- विराट कोहली

भाई, विराट की बल्लेबाजी में कुछ तो ऐसी बात है। जब तक वह फ्रिज पर खड़े रहते हैं, तब तक भारतीय फैंस को लगता है कि मैच अभी हाथ से नहीं निकला है। सामने चाहे कितने भी रन का लक्ष्य हो,कोहली अगर टिक गए तो विपक्षी टीम की धड़कनें बड़ना तय है। उनकी बल्लेबाजी की सबसे खास बात यह है कि वह सिर्फ रन बनाने के लिए नहीं खेलते, बल्कि मैच को जीतने के इरादे से मैदान पर उतरते हैं। खासकर वनडे क्रिकेट में जब टीम इंडिया को लक्ष्य का पीछा करना होता है, तब विराट का अंदाज देखने लायक होता है।
लेकिन क्या आपको पता है कि विराट कोहली ने अपने इंटरनेशनल करियर में कुल कितने शतक लगाए हैं। टेस्ट, वनडे और T20 इंटरनेशनल में उनका रिकॉर्ड कैसा है? और आप फिर उनके सड़कों में ऐसा क्या खास है कि दुनिया भर के क्रिकेट फैंस उनकी बल्लेबाजी के दीवाने हैं? चलिए,आज बिना किसी भारी भरकम क्रिकेट की भाषा के बिल्कुल आसान अंदाज में विराट कोहली के सतको की पूरी कहानी समझते है।
विराट कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कितने शतक लगाए हैं
सबसे पहले उस सवाल का जवाब जान लीजिए, जिसके लिए आप इस लेख पर आए हैं।
30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विराट कोहली इंटरनेशनल क्रिकेट मे 86 शतक लगा चुके हैं। इनमें टेस्ट क्रिकेट में 30, वनडे में 55 और T20 इंटरनेशनल में एक शतक शामिल है
आंकड़ों को आसान तरीके से समझिए
क्रिकेट का फॉर्मेट विराट कोहली के शतक
टेस्ट क्रिकेट 30
वनडे क्रिकेट 55
T20 इंटरनेशनल 1
कुल इंटरनेशनल शतक 86
अब यहां एक बात समझने वाली है। आईपीएल में लगाए गए शतक और 86 इंटरनेशनल सतको मे शामिल नहीं है। आईपीएल के सतको की गिनती अलग होती है। विराट कोहली की सबसे बड़ी ताकत यह रही है कि उन्होंने क्रिकेट के अलग-अलग फॉर्मेट में खुद को साबित किया। टेस्ट में लंबे समय तक बल्लेबाजी करनी हो, वनडे में पारी को संभालना हो या T20 में तेजी से रन बनाने हो, विराट ने हर फॉर्मेट में अपनी छाप छोड़ी है। और वनडे क्रिकेट में तो उनका रिकॉर्ड ऐसा है कि बड़े-बड़े बल्लेबाज उनके आंकड़ों को देखकर हैरान रह जाए।
वनडे क्रिकेट में विराट कोहली के 55 शतक
अगर विराट कोहली की बल्लेबाजी का असली रंग देखना है, तो वनडे क्रिकेट में उनकी परियों को जरूर याद कीजिए। वनडे में बल्लेबाज को सिर्फ तेजी से रन नहीं बनाने होते। उसे यह भी समझना पड़ता है कि कब संभाल कर खेलना है, कब गेंदबाज पर हमला करना है और कब मैच को आखिरी तक लेकर जाना है। विराट कोहली इस काम में माहिर माने जाते हैं।
उनके पास शुरुआत में समाल कर खेलने का धैर्य और मौका मिलने पर तेजी से रन बनाने की क्षमता भी। यही वजह है कि वह कई बार मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को जीत तक ले गए हैं।
30 सितंबर 2026 तक विराट कोहली वनडे क्रिकेट में 55 शतक लगा चुके थे यह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज की सबसे ज्यादा शतक है। सचिन तेंदुलकर के नाम इस फॉर्मेट में 49 शतक है। जरा सोचिए, वनडे क्रिकेट में शतक लगाना अपने आप में बड़ी बात है। लेकिन कोई बल्लेबाज 55 बार 3 अंकों का आंकड़ा पार कर जाए, तो उसकी मेहनत और निरंतरता का अंदाजा लगाया जा सकता है
विराट की बल्लेबाजी में एक और खास बात है। वह सिर्फ अपने शतक के पीछे नहीं भागते, बल्कि टीम की जरूरत के हिसाब से खेलने की कोशिश करते हैं। मान लीजिए भारत को जीतने के लिए 300 रन बनाने हैं और शुरुआती विकेट जल्दी गिर जाये ऐसे में विराट पारी को संभाल सकते हैं अगर टीम को तेजी से रन चाहिए, तो वह गियर बदलने की क्षमता भी रखते हैं।
विराट कोहली का सबसे बड़ा वनडे स्कोर कितना है
विराट कोहली का वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर 183 रन है। उन्होंने यह पारी पाकिस्तान के खिलाफ एशिया कप 2012 में खेली थी। यह पारी में विराट ने दिखाया था कि बड़े मुकाबले में दबाव के बीच भी किस तरह बल्लेबाजी की जा सकती है
भारत को बड़ा लक्ष्य हासिल करना था और सामने पाकिस्तान की मजबू टीम थी। ऐसे मुकाबले में रन बनाना आसान नहीं होता, लेकिन विराट ने शानदार बल्लेबाजी की और भारतीय टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उनकी यह पारी आज भी क्रिकेट प्रेमियों को याद है।
टेस्ट क्रिकेट में विराट कोहली के 30 शतक
टेस्ट क्रिकेट की बात ही अलग है। यहां ना तो बल्लेबाज के पास हर गेंद पर बड़ा शॉट लगाने की आजादी नही होती है और ना ही मैच कुछ घंटे में खत्म हो जाता है। कई बार एक बल्लेबाज को घंटो तक फ्रिज पर टिककर बल्लेबाजी करनी पड़ती है। गेंदबाज लगातार परीक्षा लेते हैं। कभी गेंद स्विंग होती है, कभी उछाल मिलता है और कभी पिच पर बल्लेबाजी करना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में बल्लेबाज की तकनीक, धैर्य और मानसिक मजबूती की असली परीक्षा होती है। विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में भी शानदार प्रदर्शन किया और अपने करियर में 30 टेस्ट शतक लगाए। उनका टेस्ट क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर 254 रन नाबाद है, जो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पुणे में बनाया था। विराट का टेस्ट करियर सिर्फ शतकों के लिए ही याद नहीं किया जाएगा। उन्होंने भारतीय क्रिकेट में फिटनेस और आक्रामक कप्तानी को लेकर भी अपनी अलग पहचान बनाई।
जब यह भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान थे, तब टीम ने विदेशी परिस्थितियों में मुकाबला करने का आत्मविश्वास दिखाया। भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की भूमिका और फिटनेस पर भी काफी ध्यान दिया गया। हालांकि, विराट ने 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। इसलिए अब उनके टेस्ट शतकों की संख्या भी नहीं बढ़ेगी । लेकिन उनके टेस्ट करियर की कहानी क्रिकेट प्रेमियों के बीच लंबे समय तक चर्चा में रहेगी।
T20 इंटरनेशनल में विराट कोहली का एक शतक
अब बात करते हैं उस फॉर्मेट की, जिसमें बल्लेबाज के पास ज्यादा समय नहीं होता। T20 क्रिकेट में हर गेंद की कीमत होती है। बल्लेबाज को तेजी से रन बनाने पड़ते हैं और गेंदबाज लगातार विकेट लेने की कोशिश करते हैं। ऐसे फॉर्मेट में शतक लगाना आसान काम नहीं है।
विराट कोहली ने T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक शतक लगाया है। उन्होंने यह पारी एशिया कप 2022 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेली थी। इस मुकाबले में विराट ने 122 रन नाबाद बनाये थे। यह T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उनका पहला शतक था। इस पारी की खास बात यह भी थी की विराट लंबे समय से पहले पुराने अंदाज में बड़ी पारी खेलने के लिए संघर्ष कर रहे थे।
उनके फैंस को इंतजार था कि कब उनका बल्ला फिर से जोरदार तरीके से बोलेगा । फिर अफगानिस्तान के खिलाफ वह दिन आया, जब विराट ने शानदार बल्लेबाजी की और नाबाद 122 रन बना दिए। यह पारी उनके लिए भी खास थी और उन लाखों फैंस के लिए भी जो लगातार उनका समर्थन कर रहे थे।
विराट ने जून 2024 में भारत के T20 विश्व कप जीतने के बाद T20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया इसलिए अब उनके T20 इंटरनेशनल सतको की संख्या एक ही रहेगी
विराट कोहली का पहला इंटरनेशनल शतक कब आया
हर बड़े खिलाड़ी के करियर में एक ऐसा दिन आता है, जब वह अपनी प्रतिभा का बड़ा सबूत दुनिया के सामने रखता है। विराट कोहली के लिए भी ऐसा ही एक दिन आया था। उन्होंने अपना पहला इंटरनेशनल शतक 24 सितंबर 2009 को श्रीलंका के खिलाफ लगाया था। कोलकाता में खेले गए वनडे मुकाबले में विराट ने 107 रन की पारी खेली थी।
उस समय विराट अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। उनके सामने भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह मजबूत करने की चुनौती थी। टीम इंडिया में जगह बनाना ही मुश्किल होता है। वहां टिके रहना और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उससे भी ज्यादा मुश्किल है। लेकिन विराट ने धीरे-धीरे अपने खेल में सुधार किया और अपनी बल्लेबाजी से सब का ध्यान खींचा।
उनका पहला शतक को सफलता की शुरुआत थी। जो आगे चलकर रिकॉर्ड बनाने तक पहुंचा। आज उसी हम विराट के 86 इंटरनेशनल शतकों की बात करते हैं, तो उस पहले शतक को भूलना ठीक नहीं होगा। क्योंकि बड़े रिकॉर्ड एक दिन में नहीं बनते। उनके पीछे सालों की मेहनत असफलताओं से लगातार सीखना और लगातार मेहनत करने की कोशिश होती है।
विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर के शतकों का रिकॉर्ड
जब भी विराट कोहली के शतकों की चर्चा होती है, तो सचिन तेंदुलकर का नाम अपने आप सामने आ जाता है। सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक लगाए थे। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के पहले और अब तक के इकलौते बल्लेबाज हैं। वही विराट कोहली के नाम 30 सितंबर 2026 तक 86 इंटरनेशनल शतक दर्ज थे। यानी दोनों के बीच 14 शतकों का अंतर था।
दोनों खिलाड़ी अपने-अपने दौर के महान बल्लेबाज हैं सचिन ने उस दौर में क्रिकेट खेला, जब भारतीय टीम के लिए विदेशी परिस्थितियों में जीत हासिल करना बड़ी चुनौती हुआ करती थी। उन्होंने लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट का बाहर अपने कंधों पर उठाया। विराट ने आधुनिक क्रिकेट के दौर में अपनी पहचान बनाई। उनका फिटनेस स्तर, रन बनाने की भूख और लक्ष्य का पीछा करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
अब सवाल उठता है कि क्या विराट सचिन के 100 सतको का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे। इसका जवाब अभी किसी के पास नहीं है। लेकिन क्रिकेट में रिपोर्ट टूटे भी हैं और नए रिकॉर्ड बनते भी हैं। फिलहाल इतना जरूर कहा जा सकता है कि विराट ने वनडे क्रिकेट में जो मुकाम हासिल किया है, वहां तक पहुंचाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं होगा।
विराट कोहली के शतक इतने खास क्यों हैं
अब आप सोच रहे होंगे कि विराट के सतको में ऐसी क्या खास बात है। आखिर दुनिया में कई अच्छे बल्लेबाज हुए हैं, जिन्होंने शतक लगाए हैं। तो चलिए तो चलिए इसे आसन भाषा में समझते हैं।
पहली बात: दवाव में बल्लेबाजी
विराट कोहली की सबसे बड़ी खूबियां में से एक है दवाव में बल्लेबाजी करना। जब भारत का बिकिट गिरता है और टीम मुश्किल में होती है, तब विराट अक्सर पारी को संभालने की कोशिश करते हैं।
ऐसे समय में बल्लेबाज के लिए सिर्फ शॉट मारना काफी नहीं होता। उसे यह भी देखना पड़ता है की टीम को जीत दिलाने के लिए कितने रन चाहिए और कितनी गेंद बाकी है। विराट इस हिसाब से अपनी बल्लेबाजी में बदलाव करने के लिए जाने जाते हैं।
दूसरी बात फिटनेस और मेहनत
विराट कोहली ने अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की है। आधुनिक क्रिकेट में सिर्फ अच्छे शॉट लगाना ही काफी नहीं है। मैदान पर लंबे समय तक टिके रहना, तेजी से रंग दौड़ना और पूरे मैच में उर्जा बनाए रखना भी जरूरी है। विराट ने फिटनेस को अपनी पहचान का अहम हिस्सा बनाया है।
तीसरी बात: रन बनाने की भूख
कुछ बल्लेबाज 50 रन बनाकर संतुष्ट हो जाते हैं, लेकिन विराट से अक्सर उम्मीद की जाती है कि वह अपनी पारी को बड़े स्कोर में बदलें। जब वह अच्छी शुरुआत कर लेते हैं, तो उनकी कोशिश रहती है की टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा रन बनाए जाएं। यही वजह है कि उनके करियर में बड़ी परियों की संख्या इतनी ज्यादा है।
चौथी बात फैंस का भरोसा
क्रिकेट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है। इसमें भावनाएं भी जुड़ी होती हैं। जब विराट मैदान पर उतरते हैं, तो स्टेडियम में बैठे दर्शकों के साथ-साथ टीवी और मोबाइल पर मैच देखने वाले करोड़ों फैंस भी उनसे उम्मीद लगाते हैं। कई बार उनके चौके और छक्के देखकर लोग खुशी से उछल पड़ते हैं।
क्या विराट कोहली अभी और शतक लगा सकते हैं
यह सवाल हर विराट फेन के मन मे जरूर आता होगा। इसका सीधा जवाब है हां, उनके पास वनडे क्रिकेट में और शतक लगाने का मौका है। विराट टेस्ट और T20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वनडे क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं इसलिए उनके इंटरनेशनल शतकों की संख्या आगे बढ़ सकती है। हालांकि, कोई खिलाड़ी भविष्य में कितने शतक लगाएगा, यह पहले से तय नहीं किया जा सकता।
यह उनकी फिटनेस, फॉर्म, टीम ज़रूरतें और खेलने के मौके पर निर्भर करता है लेकिन विराट के फैंस को उम्मीद जरूर होगी कि वह आगे भी अपनी बल्लेबाजी से कई यादगार पारियां खेलेंगे। अब देखना यह है कि उनके करियर की किताब में आगे कितने शकत छोड़ते हैं।
विराट कोहली के शतकों से जुड़े पांच जरूरी सवाल
- विराट कोहली ने कुल कितने इंटरनेशनल शतक लगाए हैं।
30 सितंबर 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विराट कोहली के नाम 86 इंटरनेशनल शकत है
2. विराट कोहली के वनडे में कितने शतक है?
विराट कोहली ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 55 शतक लगाए हैं
3. विराट कोहली के टेस्ट में कितने शतक हैं?
उन्होंने अपने टेस्ट करियर में 30 शतक लगाए हैं
4. विराट कोहली का T20 इंटरनेशनल में सबसे बड़ा स्कोर कितना है
उनका सबसे बड़ा T20 इंटरनेशनल स्कोर 112 रन नवाद है जो उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ बनाया था
5. विराट कोहली से पहले सबसे ज्यादा इंटरनेशनल शतक लगाने का रिकॉर्ड किसके नाम है
सचिन तेंदुलकर 100 इंटरनेशनल सतको के साथ इस सूची में पहले स्थान पर है विराट कोहली 86 सतको के साथ दूसरे स्थान पर है
आखरी बात विराट कोहली के शतक सिर्फ आंकड़े नहीं एक सफर है
विराट कोहली की कहानी हमें बताती है की बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए लंबे समय तक मेहनत करनी पड़ती है। 2009 में पहला इंटरनेशनल शतक लगाने वाले विराट आज 86 सतको तक पहुंच चुके है। इस सफर में उन्होंने कई यादगार पारियां खेली, मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया और भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई।
उनके नाम वनडे में 55, टेस्ट में 30 और T20 इंटरनेशनल में एक शतक है। लेकिन विराट की असली पहचान सिर्फ इन आंकड़ों से नहीं होती। उनकी पहचान उस भरोसे से भी होती है, जो फैंस उनके क्रीज पर रहने के दौरान महसूस करते हैं। जब भारत को जीतने के लिए बड़े लक्ष्य का पीछा करना होता है और विराट बल्लेबाजी कर रहे होते हैं, तो फैंस के मन में एक उम्मीद रहती है- कोहली टिके हैं, तो मैच अभी बाकी है।
अब आप बताइए: क्या विराट कोहली अपने करियर में सचिन तेंदुलकर के 100 इंटरनेशनल सतको के रिकॉर्ड तक पहुंच पायेंगे अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
